बड़वानी 27 फ़रवरी पिरामल फाऊंडेशन के माध्यम से क्यूसीआई द्वारा सर्टिफाइड हुए बड़वानी जिले के परंपरागत जनजातीय वेंद्यों (ट्राइबल हिलर्स) को ग्रामीण समुदाय को प्रदान किए जा रहे सामान्य बीमारियों के उपचार कार्य में सुगमता हो इस उद्देश्य से जिला प्रशासन बड़वानी द्वारा उन्हें रेडक्रॉस मद से प्राथमिक उपचार में सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
ज्ञांतव्य हैं कि पिरामल फाउंडेशन अपने अनामय कार्यक्रम के अंतर्गत देश के आदिवासी बाहुल्य जिलों में आदिवासी समुदाय के परंपरागत चिकित्सकों को संगठित करने और उनकी क्षमता संवर्धन का कार्य कर रहा है। ताकि जड़ी बूटियों ओर वनोषधियों से उपचार की परंपरागत पद्धति को सहेजा जा सकें और इस कार्य में संलग्न आदिवासी समुदाय के चिकित्सकों की पहचान स्थापित की जा सकें। जिससे की यह परम्परागत ज्ञान अक्षुण रहें। इसी तारतम्य में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले के सभी सर्टिफाइड ट्राइबल हिलर्स को रेडक्रॉस मद से सामान्य बीमारियों के उपचार में सहायक उपकरण देने का निश्चय किया, ताकि यह हिलर्स उपचार हेतु अपने पास आने वाले रोगियों का सही आंकलन करते हुए उन्हें समुचित उपचार प्रदान कर सके ।
उपचार में सहायक उपकरण प्रदान करने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी ट्राइबल हिलर्स को इन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण प्रदान किया। जिसमें उपकरणों की देखभाल, उसकी प्राथमिक जानकारी, ओर उसका उपयोग करने के बारे मे विस्तृत रूप से जानकारी उनकी स्थानीय भाषा में प्रदान की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेखा जमरे ने कहा कि जिला प्रशासन का यह अद्वितीय सहयोग आपके कार्यों में बहुत सहायक होगा और इन उपकरणों के माध्यम से आप व्यक्ति की सही जानकारी का आंकलन करते हुए उसे प्राथमिक उपचार तो प्रदान करें साथ ही आगे के उपचार हेतु उसे अपने सबसे समीप के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए प्रेरित करें।
नीति आयोग कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री अजय गुप्ता ने जिला प्रशासन ओर ट्राइबल हिलर्स के समन्वयन से जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में जो सुधार हो रहे हैं उनको रेखांकित किया ओर आगे भी इनके माध्यम से जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में गुणवत्ता पूर्ण सुधार हो यह आशा व्यक्त की।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री काजल जावला ने बताया कि सर्टिफाइड ट्राइबल हिलर्स को औषधिय पौधों की उपलब्धता में सुगमता हो इस उद्देश्य से मनरेगा के अंतर्गत प्रत्येक हिलर्स के यहां औषधिय पौधों के रोपण का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे कि उनको सुविधा भी होगी और क्षेत्र के पर्यावरण में भी सुधार होगा।
जिला कलेक्टर सुश्री गुंचा सनोबर ने उपस्थित सहभागियों से चर्चा करते हुए कहा कि आप समुदाय के हित में बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं, ओर जिला प्रशासन आपको हर संभव मदद प्रदान करेगा ताकि आपके माध्यम से ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति सही जानकारी पहुंचे ओर जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार हो । इसके पश्चात् जिला कलेक्टर सुश्री गुंचा सनोबर ने जिले के सर्टिफाईड ट्राइबल हीलर्स को सहायक उपकरणों का सम्पूर्ण किट जिसमें – बीपी मशीन, शुगर मशीन, थर्मामीटर, डिजिटल वजन मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर, यूरीन टेस्ट किट, सिकलसेल टेस्ट किट प्रदान किया।
पिरामल फाऊंडेशन के असलम शेख़ ने सभी अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि सर्टिफाइड ट्राइबल हिलर्स को रेडक्रॉस मद से सामान्य बीमारियों में सहायक उपकरण प्रदान करने की जो पहल जिला प्रशासन ने की है, वह अद्वितीय है, ओर हम सब मिल कर बड़वानी जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। प्रधान संपादक नाज मोहम्मद पायलेट